दोस्त...
प्यार जिन्दगी को आबाद और बरबाद कर सकता है, पर दोस्त सिर्फ आबाद ही करता है।
प्यार जब दुख पहुंचाए, दोस्त हमेंशा मरहम लगाये।
प्यार जब आखों मे आंसू लाये, उन्हे दोस्त चुपके से पोछ जाये।
प्यार जब जिने के सारे रास्ते बन्ध कर दे, तब दोस्त रास्ता दीखाये।
प्यार जब हदे सोचे तब, तब दोस्त सरहदे पार करे।
प्यार मे जब आप तुटे, तब दोस्त चलना सिखाये।
प्यार जब ठुकराये, बदनाम करे, तकलिफ दे, तब दोस्त आकर खुशीयाँ बिखेर जाये।
अब बताओ लोग फिर भी प्यार क्यों करते है, और अपने दोस्तो से दुर रहते है......
कोशिश कीजिए हमें याद करने की, लम्हे तो अपने आप ही मिल जायेंगे।
तमन्ना कीजिए हमें मिलने की, बहाने तो अपने आप ही मिल जायेंगे।
महक दोस्ती की इश्क से कम नहीं होती, इश्क से ज़िन्दगी ख़तम नहीं होती।
अगर साथ हो ज़िन्दगी में अच्छे दोस्त का,ज़िन्दगी जन्नत से कम नहीं होती।
सितारों के बीच से चुराया है आपको, दिल से अपना दोस्त बनाया है आपको।
इस दिल का ख्याल रखना, क्योंकि इस दिल के कोने में बसाया है आपको।
अपनी ज़िन्दगी में मुझे सरिक समझना, कोई गम आये तो करीब समझना।
दे देंगे मुस्कराहट आंसुओं के बदले, मगर हजारों दोस्तो में अज़ीज़ समझना॥
हर दुआ काबुल नहीं होती, हर आरजू पूरी नहीं होती।
जिन्हें एक सच्चे दोस्त का साथ मिले, उनके लिए धड़कने भी जरुरी नहीं होती.....
Sunday, July 5, 2009
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